Contents
- 1 भारत का इतिहास और विरासत जाने ‘हिंदी लेख’ में !
- 1.1 भारत का इतिहास और विरासत पर विचारनिय लेख |
- 1.1.1 “भारत का इतिहास और विरासत विश्व की सबसे प्राचीन और समृद्ध धरोहर है। सिंधु घाटी सभ्यता, वैदिक काल, मौर्य और गुप्त साम्राज्य, मुगलकाल, भक्ति आंदोलन से लेकर आधुनिक भारत तक की ऐतिहासिक यात्रा यहाँ विस्तार से प्रस्तुत है। यह लेख भारतीय कला, स्थापत्य, साहित्य, संस्कृति और यूनेस्को विश्व धरोहर स्थलों की जानकारी देता है। पढ़िए भारत की अनमोल धरोहर और उसके संरक्षण की चुनौतियों पर एक विस्तृत लेख।”
- 1.1.2 प्रस्तावना—
- 1.1.3 1. प्राचीन भारत की नींव : सिंधु घाटी सभ्यता—
- 1.1.4 सिंधुघाटी सभ्यता की विशेषताएँ—-
- 1.1.5 2. वैदिक काल और भारतीय दर्शन—
- 1.1.6 3. महाजनपद और मौर्य साम्राज्य—-
- 1.1.7 4. गुप्त काल : भारत का स्वर्ण युग—–
- 1.1.8 5. मध्यकालीन भारत : संस्कृतियों का संगम—
- 1.1.9 मुगल काल की धरोहरें —-
- 1.1.10 6. भक्ति और सूफी आंदोलन—–
- 1.1.11 7. औपनिवेशिक काल और स्वतंत्रता संग्राम—
- 1.1.12 8. आधुनिक भारत और विरासत की रक्षा—
- 1.1.13 9. भारतीय विरासत के विविध आयाम—
- 1.1.14 10. विरासत संरक्षण की चुनौतियाँ—-
- 1.1.15 निष्कर्ष——
- 1.1.16 About The Author
- 1.1 भारत का इतिहास और विरासत पर विचारनिय लेख |
भारत का इतिहास और विरासत जाने ‘हिंदी लेख’ में !
भारत का इतिहास और विरासत पर विचारनिय लेख |
पुणे,दिनांक ९ सप्टेंबर २०२५|लेख |
“भारत का इतिहास और विरासत विश्व की सबसे प्राचीन और समृद्ध धरोहर है। सिंधु घाटी सभ्यता, वैदिक काल, मौर्य और गुप्त साम्राज्य, मुगलकाल, भक्ति आंदोलन से लेकर आधुनिक भारत तक की ऐतिहासिक यात्रा यहाँ विस्तार से प्रस्तुत है। यह लेख भारतीय कला, स्थापत्य, साहित्य, संस्कृति और यूनेस्को विश्व धरोहर स्थलों की जानकारी देता है। पढ़िए भारत की अनमोल धरोहर और उसके संरक्षण की चुनौतियों पर एक विस्तृत लेख।”
प्रस्तावना—
भारत विश्व की सबसे प्राचीन सभ्यताओं में से एक जरुर है। यहाँ की संस्कृति, परंपराएँ, धर्म, कला, साहित्य ,विचारधाराएं,बुद्ध पुरुष, स्थापत्य केवल भारतवासियों के लिए ही नहीं बल्कि पूरे मानव समाज की धरोहर हैं। सिंधु घाटी सभ्यता,कालीबंगन आदी से लेकर आधुनिक भारत तक का सफर हमें यह बताता है कि किस प्रकार इस भूमि ने ज्ञान, आध्यात्म, युद्ध, विज्ञान, कला तथा लोकसंस्कृति के अनेक आयामों को अपने भीतर समेटा है। इसकी काली साइड भी है। यहा गुलाम, स्रियां बाजार में बेचने की पद्धती का भी एक समय रहा|जातीव्यवस्था ,स्रीयोंपर पर पाबंदी,वर्ष व्यवस्था, अछुतीयत ,सतीप्रथा जैसी भयंकर चिजे भी सम्मिलित रही है। सारे तरह के अच्छे बुरे रुप हमारी धरोहर है।
यह लेख भारत की ऐतिहासिक यात्रा तथा उसकी अमूल्य विरासत पर विस्तृत दृष्टि डालता है।
1. प्राचीन भारत की नींव : सिंधु घाटी सभ्यता—
सिंधुघाटी सभ्यता का कालखंड लगभग 2500 ईसा पूर्व सेट लेकर 5000 ईसा पुर्व तक तज्ञ बताते है। इसके प्रमुख नगर हड़प्पा, मोहनजोदड़ो, लोथल, कालीबंगन आदी के अवशेष मिले है|
सिंधुघाटी सभ्यता की विशेषताएँ—-
• सुसंगठित नगरीय जीवन स्थिर रुप में मौजुद था |
• पक्की ईंटों के मकान बनाये जाते थे|
• जलनिकासी की अद्भुत व्यवस्था उस समता के हमारे पुर्वजों ने बधाई ती|
• कृषि, पशुपालन और व्यापार तक किया जाता जा|
• मुद्रा, मुहरें और आभूषण के सबुत मिले हे|
• कुछ छोटे घर जैसे सबुत यह भी दर्शाते है की वहां गुलाम भीर खे जाते ले|
👉 यह सभ्यता विश्व को यह सिखाती है कि संगठित नगर और सामाजिक व्यवस्था किस तरह सभ्यता को महान बनाती है।
2. वैदिक काल और भारतीय दर्शन—
सिंधु घाटी के पतन के बाद वैदिक सभ्यता का उदय हुआ। वेद, उपनिषद और ब्राह्मण ग्रंथ इस युग की सबसे बड़ी देन हैं। ऋग्वेद को विश्व का सबसे प्राचीन साहित्य माना जाता है। संस्कृत के साथ पाली,प्राकृत,खरोष्टी भाषा का अस्तित्व जादातर उत्तर भारत में मिलता है। दक्षिण भारत में भी द्रविड सभ्यता का अस्तित्व था|
इस युग ने भारतीय समाज में धर्म, कर्मकांड,दर्शन सामाजिक ढाँचे की नींव रखी।
👉 उपनिषदों ने “अहम् ब्रह्मास्मि”, “सर्वं खल्विदं ब्रह्म” जैसे महान दार्शनिक विचार दिए|बुद्ध ने निर्वाण का विचार,सांख्य,तंत्र, जैन परंपरा,चार्वाक दर्शन आदी आस्तिक और नास्तिक दर्शन के रूप इसमे से निकले | जो आज भी पूरी दुनिया को प्रेरित करते हैं।
3. महाजनपद और मौर्य साम्राज्य—-
बुद्ध के समय ईसा पूर्व 6 से 7 वे शतक में 16 महाजनपदों का उल्लेख हमें मिलता है।मगध सबसे शक्तिशाली महाजनपद बना था|मागधी भाषा भी थी|आज के बिहार और आसपास का क्षेत्र इसमे प्रमुख थे|
• मौर्य साम्राज्य (322 ई.पू.) : चन्द्रगुप्त मौर्य ने इसे स्थापित किया।
• सम्राट अशोक : कलिंग युद्ध के बाद उन्होंने बौद्ध धर्म अपना कर “धम्म” के प्रचार में अपना जीवन समर्पित किया।
👉 अशोक के शिलालेख, स्तंभ और स्तूप आज भी हमारी विरासत के जीवंत प्रतीक हैं।
4. गुप्त काल : भारत का स्वर्ण युग—–
• कला, साहित्य, विज्ञान तथा गणित में अभूतपूर्व प्रगति की गती थी|
• आर्यभट्ट ने शून्य और ग्रहों की गति पर सिद्धांत दिए जो विज्ञान से नजदिकी का दर्शन करते हैं।
• कालिदास जैसे कवियों ने “अभिज्ञानशाकुंतलम्” जैसी अमर कृतियाँ रचीं।
• अजंता-एलोरा की गुफाएँ इस काल की कलात्मक विरासत हैं।
👉 गुप्त युग को भारतीय संस्कृति का स्वर्णिम अध्याय कहा जाता है। मौर्य काल को भी ऐसा माना जाता है।
5. मध्यकालीन भारत : संस्कृतियों का संगम—
• मध्यकाल में भारत पर मुस्लिम शासकों का शासन हुआ।
• दिल्ली सल्तनत (1206 ई.) ने भारतीय राजनीति को नई दिशा दी।
• मुगल साम्राज्य (1526 ई.) ने कला, स्थापत्य और संस्कृति में अद्वितीय योगदान दिया।
मुगल काल की धरोहरें —-
• ताजमहल, लालकिला, फतेहपुर सीकरी
• मिनीचर पेंटिंग, फारसी साहित्य
• संगीत में तानसेन जैसे महान कलाकार
👉 इस दौर में भारत की विरासत “गंगा-जमुनी तहज़ीब” के रूप में सामने आई।
6. भक्ति और सूफी आंदोलन—–
• 13वीं से 17वीं शताब्दी के बीच भक्ति आंदोलन ने सामाजिक कुरीतियों को चुनौती दी।
• संत कबीर, गुरु नानक, तुलसीदास, मीराबाई ने समाज को समानता और प्रेम का संदेश दिया।
• सूफी संतों ने ईश्वर की एकता और मानवता का उपदेश दिया।
👉 इन आंदोलनों ने भारत की आध्यात्मिक विरासत को नई ऊँचाई दी।
7. औपनिवेशिक काल और स्वतंत्रता संग्राम—
• 17वीं शताब्दी में ईस्ट इंडिया कंपनी ने भारत में कदम रखा।
• धीरे-धीरे भारत ब्रिटिश साम्राज्य का गुलाम बन गया।
• भारत की आर्थिक, सामाजिक और सांस्कृतिक व्यवस्था पर गहरा प्रभाव पड़ा।
• 1857 का प्रथम विद्रोह संग्राम, कांग्रेस का गठन और गांधीजी के नेतृत्व में स्वतंत्रता आंदोलन।
👉 15 अगस्त 1947 को भारत स्वतंत्र हुआ और यह हमारी आधुनिक विरासत की सबसे बड़ी उपलब्धि बनी।
8. आधुनिक भारत और विरासत की रक्षा—
• आजादी के बाद भारत ने लोकतंत्र और संविधान को अपनाया।
• संविधान निर्माता डॉ. भीमराव आंबेडकर ने इसे दुनिया का सबसे बड़ा लोकतांत्रिक संविधान बनाया।
• भारत ने विज्ञान, अंतरिक्ष, शिक्षा, साहित्य और संस्कृति में प्रगति की।
• यूनेस्को विश्व धरोहर स्थल : अजंता-एलोरा गुफाएँ, कुतुब मीनार, ताजमहल, कांचीपुरम मंदिर, सूर्य मंदिर, आदि।
👉 आधुनिक भारत की चुनौती है कि इस विशाल विरासत को सहेज कर आने वाली पीढ़ियों तक पहुँचाया जाए।
9. भारतीय विरासत के विविध आयाम—
1. भाषा और साहित्य – संस्कृत, पाली, प्राकृत, हिंदी, तमिल, बंगाली आदि भाषाओं की समृद्ध परंपरा।
2. कला और स्थापत्य – अजंता की गुफाएँ, खजुराहो के मंदिर, मीनाक्षी मंदिर, ताजमहल।
3. संगीत और नृत्य – भरतनाट्यम, कथकली, कथक, ओडिसी; हिंदुस्तानी और कर्नाटक संगीत।
4. धार्मिक परंपराएँ – हिंदू, बौद्ध, जैन, सिख और इस्लामी विरासत।
5. लोक संस्कृति – मेलों, त्योहारों और ग्रामीण परंपराओं की धरोहर।
10. विरासत संरक्षण की चुनौतियाँ—-
• शहरीकरण और प्रदूषण से धरोहरों को खतरा।
• पुरातात्विक स्थलों की उपेक्षा।
• युवाओं में विरासत को लेकर उदासीनता।
• चोरी और अवैध तस्करी।
👉 यदि हम अपनी विरासत की रक्षा नहीं करेंगे, तो आने वाली पीढ़ियाँ इससे वंचित हो जाएँगी।
निष्कर्ष——
भारत का इतिहास और विरासत केवल अतीत की कहानी नहीं है, यह वर्तमान और भविष्य की भी प्रेरणा है। हमें अपने ऐतिहासिक स्मारकों, कला, साहित्य और परंपराओं को सहेज कर रखना होगा ताकि आने वाली पीढ़ियाँ भी इस महान धरोहर पर गर्व कर सकें।
और भी जानकारी पायें इन वेबसाइट लिंकपर •••
1. भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI)
👉 https://asi.nic.in
(भारत के ऐतिहासिक स्मारकों और धरोहर संरक्षण की आधिकारिक वेबसाइट)
2. यूनेस्को – भारत के विश्व धरोहर स्थल
👉 https://whc.unesco.org/en/statesparties/in
(भारत में शामिल विश्व धरोहर स्थलों की पूरी सूची और जानकारी)
3. भारत सरकार – संस्कृति मंत्रालय
👉 https://indiaculture.gov.in
(भारत की कला, संस्कृति, साहित्य और विरासत से जुड़ी जानकारी)
4. नेशनल म्यूजियम, नई दिल्ली
👉 https://nationalmuseumindia.gov.in
(भारत के संग्रहालय और ऐतिहासिक वस्तुओं का विस्तृत विवरण)
5. इंडियन हिस्ट्री – विकिपीडिया (शोध हेतु)
👉 https://en.wikipedia.org/wiki/History_of_India
(भारत के इतिहास का एक व्यापक संदर्भ लेख)
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